ओस्टोमेट व्यक्तियों को भी अपंग घोषित करने की मांग

(सुरेन्द्र मिश्र)

मुंबई : सुप्रसिद्ध समाजसेवी और ओस्टोमी एसोसियेशन ऑफ़ इण्डिया के सपोर्ट ग्रुप के सदस्य श्री  राजेंद्र गुप्ता ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह  ओस्टोमेट व्यक्तियों को भी अपंग घोषित करके उन्हें अपंगों जैसी सहुलितें प्रदान करे .

 

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री,सामाजिक कल्याण मंत्री तथा अनेक सांसदों को ज्ञापन  भेजकर श्री गुप्ता ने  बताया है कि ओस्टोमी से ग्रस्त व्यक्ति  की अंतड़ियों को निकालकर मल मूत्र निकास के प्राकृतिक रास्तों को बंद कर पेट में  मल मूत्र निकास की  कृतिम जगह बनायी जाती है और एक प्लास्टिक की थैली पेट से चिपकाकर मलमूत्र  विसर्जन की व्यवस्था की जाती है .इस आपरेशन में  अंतड़ियों को अंशतः या पूरी तरह निकाल दिया जाता है .इस आपरेशन के बाद लोग शारीरिक, आर्थिक, सामाजिक तथा मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं . रोगी को हमेशा मल मूत्र की थैली लटकाकर चलता चलना पड़ता है जो एक मुश्किल काम है . इन थैलियों के हमेशा लीक होने की संभावना बनी रहती है जिससे आदमी घर से बाहर निकलने में डरने लगता है .  इस रोग से संबंधित मेडिकल सामग्री काफी महंगी होती है जिससे रोगी की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती जाती है . भारत में  एक लाख से अधिक लोग ओस्टोमी से ग्रस्त हैं .

ज्ञापन में कहा गया है कि जिन व्यक्तियों के हाथ या पैर में एक उंगली भी नहीं रहती उन्हें अपंग की संज्ञा दी जाती है और उन्हें तमाम सुविधाए दी जाती हैं लेकिन ओस्टोमेट व्यक्ति का तो एक  पूरा अंग ही काट दिया जाता है और उसे  जीने के लिए प्रतिदिन मेडिकल सामग्री की जरुरत पड़ती है इसलिए ऐसे लोगों को तुरंत विकलांग घोषित करके उन्हें भी अपंगों को मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें ताकि उनका जीवन भी आसन हो सके .

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गौर तलब है कि ओस्टोमी एसोसिएशन आफ इण्डिया एक सेवाभावी संस्था है  जो ओस्टोमी से ग्रस्त व्यक्तियों को मानसिक और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का काम करती है ताकि ऐसे लोगों में भी जीने की हिम्मत पैदा हो सके . इस संस्था की स्थापना १९७५ में श्री हीरालाल नारंग, श्री रमाकांत शहा व डॉ. डी .जे .जायसवाल ने की थी.वर्तमान में श्री उदय केरवार संस्था के अध्यक्ष  तथा श्री शेखर भाई ठाकुर  संस्था के सचिव हैं .

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