ओस्टोमेट व्यक्तियों को अपंग का दर्जा दे केंद्र सरकार-भवानजी

(सुरेन्द्र मिश्र)

मुंबई :  सुप्रसिद्ध समाजसेवी,भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उपमहापौर श्री बाबूभाई भवानजी ने  केंद्र सरकार  से मांग की है कि वह ओस्टोमेट व्यक्तियों को तुरंत अपंग का दर्जा देकर उनका उचित पुनर्वास करे ताकि ओस्टोमेट  व्यक्तियों में भी जीने की हिम्मत पैदा हो सके .

 

 

ओस्टोमी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के सपोर्ट ग्रुप के सदस्य और जानेमाने समाज सेवी श्री राजेंद्र गुप्ता और एसोसिएशन के सदस्य श्री योगेश राऊत गुरुवार को श्री भवानजी से मिले और उन्हें एक ज्ञापन दिया, जसमें मांग की गयी है कि वे ओस्टोमेट व्यक्तियों को  भी अपंग का दर्जा दिलायें ताकि ओस्टोमेट व्यक्ति भी आसानी से जीवन जी सके . श्री  गुप्ता और श्री  राऊत की बात सुनने के बाद श्री भवानजी ने कहाकि वे इस दिशा में ठोस प्रयास करेंगे तथा जल्द ही केंद्र सरकार के जिम्मेदार लोगों से मिलकर इस समस्या का समाधान कराएँगे .उन्होंने कहाकि श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार एक संवेदन शील सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि यह सरकार ओस्टोमेट व्यक्तियों के साथ  न्याय जरुर करेगी और उनकी जिंदगी में भी उजाला लाएगी . श्री भवानजी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावर चन्द्र गहलोत तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्धन से मांग की है  कि वे ओस्टोमेट व्यक्तियों की समस्याओं पर तुरंत  कार्रवाई करके उन्हें अपंग  का दर्जा दें तथा उनके उचित पुनर्वास की व्यवस्था करें .श्री भवानजी ने कहाकि ओस्टोमेट व्यक्तियों को अपंग का दर्जा देने के साथ ही बेरोजगार ओस्टोमेट लोगों को पेंशन तथा आवास की व्यवस्था की जानी चाहिए . जो लोग काम करते हैं उन्हें उनकी  क्षमता के अनुरूप हल्का काम दिया जाना चाहिए .केंद्र सरकार को लेप्रोसी मिशन की तर्ज पर ओस्टोमेट मिशन अभियान चलाकर  ओस्टोमेट व्यक्तियों को ताकत देनी चाहिए ताकि उनमें भी जीने हिम्मत पैदा हो एके .गौर तलब है कि किसी कारण जब व्यक्ति की अंतड़ियाँ ख़राब हो जाती हैं  तो उन अंतड़ियों को अंशतः या पूरी तरह निकाल दिया जाता है,मल मूत्र निकास के प्राकृतिक रास्तों को बंद कर दिया जाता है और मल मूत्र निकास के लिए पेट में कृतिम मार्ग बनाया है .  पेट से प्लास्टिक की थैली लगाकर मल मूत्र निकास की सुविधा की जाती है .यह थैली रोगी को हमेशा पेट से  चिपकाकर रखनी पड़ती है .प्रतिदिन थैलियों को बदला जाता है जो बहुत तकलीफ देह और खर्चीला होता है .इससे ओस्टोमेट व्यक्ति शारीरिक,आर्थिक,मानसिक और समाजिक रूप से कमजोर हो जाता है .    

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