डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब हुई Beginning of Direct Selling in India

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डायरेक्ट सेलिंग को नेटवर्क मार्केटिंग या मल्टी लेवल मार्केटिंग भी कहते हैं.

जानकर लोगों का कहना है कि भारत में बढ़ते मध्यम वर्ग और खर्च योग्य आय में वृद्धि होने से भविष्य में डायरेक्ट सेलिंग उत्पादों की मांग बहुत बढ़ने वाली है.

दुनिया भर में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री का आकार १८५ अरब डालर का है.

भारत में डायरेक्ट सेलिंग में मिले कुल रोजगार में ५८.३ फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है.

भारत में डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत

भारत में डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत १९८० में इंडियन कंपनी यूरेका फ़ोर्ब्स ने की थी.

इसने अपने वैक्यूम क्लीनर्स की बिक्री करने के लिए डायरेक्ट सेलर्स की भर्ती की थी.

९० के दशक में कई इंटरनेशनल कंपनियों ने इस क्षेत्र में प्रवेश किया और डायरेक्ट सेलिंग के बाजार को काफी बड़ा बना दिया.

इन कंपनियों में एमवे और एवन शामिल हैं.

भारत में डायरेक्ट सेलिंग कम्पनियाँ मुख्य रूप से हेल्थ और वेलनेस प्रोडक्ट्स, कास्मेटिक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, वाटर फ्योरीफ़ायर्स और लाइफ एश्योरेंस का एक डिस्ट्रीब्यूशन चैनल है.


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