• मुंबई :  सुप्रसिद्ध समाजसेवी और वरिष्ठ एनसीपी नेता पारसनाथ तिवारी ने कहा है कि  शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों में मानवीय गुणों का विकास करे .
  • श्री तिवारी ने गत दिवस टिटवाला स्थित पंडित आरएस तिवारी स्कूल में  आयोजित छात्रों और पालकों की एक सभा में कहाकि  शिक्षण संस्थाओं को पैसा कमाने की मशीन नहीं, राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार करना चाहिए .उन्होंने कहाकि बच्चों की पहली पाठशाला उसका अपना घर है .इसलिए पालकों और स्कूलों को चाहिये कि वे बच्चों में देश प्रेम, करुणा, दया, त्याग और बलिदान की भावना पैदा करें ताकि देश में शिवाजी,महाराणा प्रताप ,नेताजी सुभाषचंद्र बोस,चंद्रशेखर आज़ाद,भगत सिंह,रानी लक्ष्मी बाई और श्रवण कुमार जैसी हस्तियाँ तैयार हो सकें .जिस दिन भारत के शिक्षण  संस्थान महापुरुष पैदा करने लगेंगे उस दिन भारत अपने आप दुनिया की महाशक्ति  बन जायेगा .

    श्री तिवारी ने कहाकि पहले बच्चे दादा दादी की गोंद में पलते थे, इसलिए प्रेम,सेवा और त्याग की भावना उनमें यहीं पैदा हो जाती थी लेकिन आज ज्यादातर बच्चे टीवी और इंटरनेट  की संगत में पल रहे है इसलिए  उनमें मानवीय गुण विकसित नहीं हो पा रहे हैं .भारतीय मूल्य बच्चों को इन्सान बनाते हैं जबकि पश्चिम की नक़ल उन्हें पैसा कमाने की मशीन बना देती है .इसलिए आज पालकों,सामाजिक संस्थाओं और शिक्षण संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है कि बच्चों में मानवीय गुणों का विकास करने और उन्हें देश भक्त नागिक बनाने के लिए विशेष अभियान चलाये ताकि देश तेजी से आगे बढे और मजबूत हो सके

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