Mission Indradhanush Yojana

मिशन इन्द्रधनुष योजना Explained in Hindi – Mission Indradhanush Yojana

Spread the love

१. सरकार पल्स पोलियो प्रोग्राम के तहत राष्ट्रव्यापी प्रतिरक्षण अभियान के दूसरे चरण यानी मिशन इंद्रधनुश २. ० का शुभारंभ करेगी. मिशन इंद्रधनुश २. ० का लक्ष्य २०२२ तक कम से कम ९० % पैन-इंडिया टीकाकरण कवरेज प्राप्त करना है.

जिसे दिसंबर २०१४ में लॉन्च किया गया था, २०१४ में भारत के टीकाकरण कवरेज को ६७ % से८७ % तक बढ़ा दिया है. हालांकि, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (२०१५ -१६ ) में भारत के टीकाकरण कवरेज अभी भी ६२ % है.

२. भारत में टीकाकरण कार्यक्रम १९७८ में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा टीकाकरण (ईपीआई) के विस्तारित कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया था. १९८५ में, कार्यक्रम को यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के रूप में संशोधित किया गया था.

कार्यक्रम का उद्देश्यों तेजी से टीकाकरण कवरेज, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य सुविधा स्तर के लिए एक विश्वसनीय सिस्टम की स्थापना, प्रदर्शन की निगरानी के लिए जिलेवार प्रणाली लागू करना, टीके उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है.

यूआईपी बच्चों और महिलाओं में मृत्यु दर और रुग्णता को रोकता है. सन २००९ और २०१३ के बीच प्रति वर्ष १ % की दर से टीकाकरण में वृद्धि हुई थी. इस कवरेज में तेजी लाने के लिए, मिशन इन्द्रधनुष को कार्यान्वित किया गया था. इसके जरिये टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य ९० % तक रखा गया है.

३. इसका उद्देश्य बच्चों का पूरी तरह से टीकाकरण करना है. यह टीकाकरण अभियान 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए है. इसके जरिये डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, पोलियो, तपेदिक, हेपेटाइटिस बी, मेनिनजाइटिस और निमोनिया, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी संक्रमण, जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई), रोटावायरस वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) और खसरा-रूबेला (एमआर) आदि पर रोक लगाने की योजना है.

यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसमें २०१ उच्च फोकस वाले जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया है. मिशन इन्द्रधनुष ’के पहले दो चरणों के माध्यम से पूर्ण टीकाकरण कवरेज में वृद्धि की दर बढ़कर ६. ७ % प्रति वर्ष हो गई.

४. भारत सरकार द्वारा २०१७ में मिशन इन्द्रधनुष (IMI) की शुरुआत की गई थी, जो दो साल से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे और उन सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुँचने के लिए है जिन्हें नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत कवर नहीं किया गया है. IMI के तहत दिसंबर २०१८ तक टीकाकरण कवरेज को ९० % तक बढ़ाना था.

हालांकि, देश के केवल १६ जिलों ने अब तक ९० % कवरेज प्राप्त किया है. मिशन इन्द्रधनुष २. ० उन जिलों को लक्षित करेगा जिनके पास ७० % या उससे कम का टीकाकरण कवरेज है.

५. १९८८ में विश्व स्वास्थ्य संगठन के संकल्प के बाद पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष १९९४-९५ में भारत में शुरू किया गया था. इसे सौ प्रतिशत कवरेज प्राप्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. ०-५ वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को हर साल पोलियो की बूंदें पिलाई जाती हैं. २०१४ में, भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था.


Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *