नेटवर्क मार्केटिंग शायरी Network Marketing Shayari (Hindi)

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१. खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले,

खुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है.

२. मिटा दो अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहो,

कि दाना खाक में मिलकर गुले गुलजार होता है .

३. बाधाएं कब रोक सकी हैं पथ पर चलने वालों को,

बिपदायें कब रोक सकी हैं आगे बढने वालों को .

४. हिम्मत है तेरे पास तो क्या चीज है मुश्किल,

खुद चलके चली आयेगी उम्मीदों की मंजिल .

रुकने न पाए तेरे  ख़्वाबों का कारवां,

सजके रहेगी तेरी अरमानों की महफ़िल .

५. आँधियों से कह दो जरा औकात में रहें,

हम परों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं .

६. चरण चूम लेगी खुद चल करके मंजिल,

मुसाफिर अगर अपनी हिम्मत न हारे.

७. लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

८.  जिंदगी न केवल जीने का बहाना,

जिंदगी न केवल सांसों का खजाना.

जिंदगी सिंदूर है पूरब दिशा का ,

जिंदगी का काम है सूरज उगाना.

९. तकदीर पत्थर की भी बदल सकती है,

शर्त ये है कि उसे सलीके से तरासा जाये.

१०. मेरे जुनूं का नतीजा जरुर निकलेगा,

इसी सियाह समुन्दर से नूर निकलेगा.

११. हर एक जन्नत के रस्ते होके दोजख से निकलते हैं,

उन्हीं का हक़ है फूलों पर जो काँटों से गुजरते हैं .

१२. मंजिलें उनको मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है,

पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है.

१३. बहुत गुरुर है गर तुमको सिरफिरे  तूफां,

हमें भी जिद है कि दरिया को पार करना है.

१४.  इस धरती पर वीर पुरुष ही नाम अमर कर जाते हैं,

कायर नर तो जीवन भर बस रो रोकर मर जाते हैं.

१५. आँधियों से  कह दो ज़रा औकात में रहें,

हम परों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं.

१६. आदमी सच्चा हो तो वक्त भी रुक सकता है,

आसमान लाख ऊँचा हो वो भी झुक सकता है.

१७. यह नया मंत्र है नया जमाना है,

हमें आंसू नहीं पसीना बहाना है.

१८. जब दुवाओं से बुलंदी पर मुकद्दर आएगा,

आप दरिया को बुलाओगे तो समंदर आएगा.

१९.  कोई तुम्हारा साथ न दे तो दिल को बेक़रार न कर,

खुद से बड़ा दुनिया में कोई हमसफ़र नहीं होता.

२०.  सीढियां उनके लिए बनी हैं जिन्हें सिर्फ छत तक जाना है,

आसमां पर हो जिसकी नजर उसे तो रास्ता खुद बनाना है.

२५. सुर्खरू होता है इंसां ठोकरें खाने के बाद,

रंग लाती है हिना पत्थर पे घिस जाने के बाद.

२६. कोई भी लक्ष्य साहस से बड़ा नहीं,

हारा  वही  जो   लड़ा  नहीं .

२७. छोटे मन से कोई बड़ा नहीं हो सकता,

टूटे मन से कोई खड़ा नहीं  हो सकता.

२८.  जिंदगी की जंग में न रूप काम आता है न झूठ काम आता है,

सिर्फ ज्ञान ही है जो आपको  आपका  हक़  दिलाता है.

२९.  मुसीबत  से निखरती  है  सख्शियत  यारों,

जो चट्टानों से न टकराए  वो झरना किस काम का.

३०.  राह संघर्ष की जो चलता है,

वही संसार को बदलता है.

जिसने रातों से जंग जीती है,

सूर्य बनकर वही निकलता है.


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