आनलाइन परचेज का बढ़ता चलन है व्यापार में मंदी का कारण – भवानजी 

मुंबई : वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई  भवानजी ने कहा है कि व्यापर में जो मंदी आई है उसके लिए सरकार नहीं बल्कि  आनलाइन बिजनेस जिम्मेदार है .
आज यहाँ जारी एक बयान में श्री भवानजी ने कहाकि इस समय कोई भी समझ नहीं पा रहा है कि व्यापार कमजोर क्यों होता जा रहा है। हकीकत मे आनलाइन बिजिनेस ने  व्यापार को चौपट कर दिया है,अगर हम  जल्द नहीं चेते तो  हालत और भी खराब हो जायेगी।आज की नई पीढी अपनी जरुरत का अधिकतम सामान आनलाइन ही  परचेज कर रही है,किन्तु इससे हम जाने अनजाने अपने ही पैरों पर कुल्हाडी मार रहे हैं .
 उन्होंने कहाकि भारत के ऑनलाइन मार्केट का 30% शेयर अमेज़न के पास है और 20-22% फ्लिपकार्ट के पास . बाकी में  सब कम्पनियां। कम से कम 10 लाख रुपये प्रति सेकंड सेल है भारत मे ऑनलाइन कम्पनियों की ।यानी प्रति मिनट 6 करोड़ रुपये , यानी 360 करोड़ रुपये प्रति घण्टा और एक दिन में लगभग 4 हज़ार करोड़ रुपये ।एक साल में लगभग 15 लाख करोड़ की सेल जिसका लगभग 50% सिर्फ 2 कम्पनियां कर रही हैं।ये पैसा पहले मार्केट में आता था,रोटेट होता था ,पर अब बस ऑनलाइन सेल में ही जा रहा है . ये कम्पनियां मार्केट से दुकानदार को आउट करने के लिए  तमाम छूट भी देती हैं . अगले 5 साल में ये स्थानीय दुकानदारों को मार्किट से आउट भी कर  देंगी और फिर अपनी मर्जी के रेट लेना शुरू कर देंगी.
 उन्होंने कहाकि ये बड़ी मुश्किल घड़ी है  भारत के लिए, क्योंकि कुल व्यापार का  एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन कम्पनियां खींच चुकी हैं . किसी जमाने में ईस्ट इंडिया नाम की विदेशी कम्पनी ने व्यापारी बनकर इस देश में घुसपैठ की थी और हमें गुलाम बना लिया था . आज भी विदेशी ऑनलाइन कम्पनियां हमारे देश के व्यापार पर कब्जा कर रही हैं और हम लोग आने वाले खतरे से अनजान हैं. 100 -200- 500 रु. की बचत की लालच में अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को दांव पर लगा रहे हैं । पिछले दिनों देश में जहां जहां बाढ़ आई  थी वहां किसी भी ऑनलाइन कम्पनी ने आवश्यक सामग्री नहीं पहुंचाई . वहां स्थानीय दुकानदार ही काम आए ।
उन्होंने लोगों का आवाहन किया है कि वे भविष्य के खतरे को पहचानें और  ऑनलाइन खरीददारी बंद करें।

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