प्रधानमंत्री सोलर योजना 2020 – Pradhanmantri Solar Yojana 2020 hindi

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प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना भारत सरकार के बिजली और नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को आय का अतिरिक्त स्रोत प्रदान करना तथा २०२० तक उनकी आय को दोगुना करना है. इस योजना को Kusum Yojana का नाम दिया गया है. इससे किसानों को दो फायदे होगें. इससे वे अपने कृषि पम्प सोलर ऊर्जा से चला पाएंगे और बची हुई बिजली बेचकर वे अतिरिक्त इनकम कर सकेंगे. 

 

प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना 

 

१.  योजना का उद्देश्य :

 इस योजना का उद्देश्य देश के किसानों  को सशक्त बनाना है. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिभर होंगे. इससे पेट्रोल डीजल आदि का आयात रोकने में मदद होगी. यह योजना किसानों की दशा में बड़ा परिवर्तन ला सकती है. इस योजना से उत्पन्न बिजली बिजली कम्पनियाँ ३० पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदेंगी. केंद्र ने २०२० के बजट में इस योजना को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है ताकि किसान अपनी जरुरत और सिंचाई की बिजली खुद पैदा कर सकें.

 

२. सब्सिडी:

सरकार इस योजना के तहत कुल लागत का ६० % सब्सिडी देगी. इसके जरिये २०२० में २० लाख  किसानों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है. किसान अपनी बंजर व बेकार जमीन पर सोलर पैनल लगाकर अपने जरुरत की बिजली पैदा कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली बेंचकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं. 

 

३. योजना का लक्ष्य: 

इस योजना के तहत पहले १७.५ लाख सिंचाई पम्पों को चलाने की व्यवस्था की जाएगी. २०२२ तक ३ करोड़ पम्पों को सौर उर्जा से चलाने की योजना है. इस योजना से पेट्रोल डीजल के आयात को कम करने में मदद मिलेगी. इस योजना के तहत १५ लाख किसानों को सोलर पम्प लगाने में मदद की जाएगी. इस योजना के लिए वित्त मंत्री  ने ५० हजार करोड़ रुपये का प्राविधान किया है.

इस योजना से किसानों को डीजल पेट्रोल पर होने वाले खर्च से मुक्ति मिलेगी. इस योजना के तहत देश के तीन करोड़ पम्पों को डीजल की जगह सौर उर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. अतिरिक्त बिजली बेचने से किसानों की इनकम बढ़ेगी और इससे  २०२२ तक किसानों की आय दुगुनी करने में मदद मिलेगी.

 

४. जरुरी दस्तावेज: 

जो लोग सोलर पैनल योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, वे MNRE की अधिकारिक वेबसाईट पर जाकर विस्तृत जानकरी हासिल कर सकते हैं. विद्युत कंपनियाँ, नोडल एजेंसियाँ तथा MNRE(Ministry of New and Renewal Energy) इस योजना को लागू करेंगीं. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए अपनी बिजली वितरण कंपनियाँ या राज्य अक्षय ऊर्जा नोडल एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं. इस योजना में शामिल होने के लिए आवेदक को भारत का नागरिक होना चाहिये. आवेदन के साथ आधार कार्ड, पत्र व्यवहार का पता, किसान की जमीन के दस्तावेज, घोषणा पत्र, बैंक खाते की पासबुक, फ़ोटोग्राफ, मोबाइल नम्बर जरुरी है.

 

५. योजना के लाभ:

 इस योजना से डीजल पेट्रोल की खपत कम होगी तथा किसानों का खर्च कम होगा. इसके अतिरिक्त वे अतिरिक इनकम भी कर सकेंगे. इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी. यह योजना किसानों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगी.


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